झांसी। झांसी-कानपुर हाईवे पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक गैस टैंकर से रिसाव होने की सूचना फैल गई। स्थानीय लोगों ने इसे एलपीजी गैस का रिसाव समझ लिया, जिससे दहशत फैल गई और हाईवे पर भगदड़ जैसे हालात बन गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और एहतियातन हाईवे की एक लेन को बंद कर दिया गया। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि टैंकर में एलपीजी नहीं, बल्कि नाइट्रोजन गैस भरी हुई थी।
घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ागांव थाना क्षेत्र के गोरामछिया गांव के पास हुई। राजस्थान के सीकर निवासी चालक रामनिवास गुजरात के वडोदरा जिले के कर्जण से नाइट्रोजन गैस से भरा टैंकर लेकर बिहार स्थित आईओसीएल रिफाइनरी जा रहा था । चालक के अनुसार, जब वह बड़ागांव से करीब तीन किलोमीटर पहले गोरामछिया गांव के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे एक कार चालक ने उन्हें संकेत देकर बताया कि उनके टैंकर से गैस का रिसाव हो रहा है।
सूचना मिलते ही चालक ने तत्काल टैंकर को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। टैंकर से गैस निकलती देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। अधिकांश लोगों ने इसे एलपीजी गैस का रिसाव समझ लिया और चालक को वहां से हटने के लिए कहने लगे। यहां तक कि पास स्थित एक पेट्रोल पंप संचालक ने भी टैंकर को तत्काल दूर ले जाने की सलाह दी।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने हाईवे की एक लेन पर यातायात रोक दिया और वाहनों को दूसरी लेन से डायवर्ट कराया। इसके चलते हाईवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
चालक रामनिवास ने बताया कि टैंकर में गैस का दबाव अधिक होने के कारण सेफ्टी वाल्व खुल गया था, जिससे नाइट्रोजन गैस का रिसाव शुरू हुआ। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पानी का छिड़काव कर स्थिति को नियंत्रित किया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि टैंकर में ज्वलनशील एलपीजी नहीं, बल्कि नाइट्रोजन गैस थी, जिससे आग लगने का कोई खतरा नहीं था।
करीब एक घंटे तक चले हाई अलर्ट और अफरा-तफरी के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। रिसाव पर पूरी तरह काबू पाने के बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया और टैंकर को उसके गंतव्य बिहार के लिए रवाना कर दिया।
वैभव सिंह

बुंदेलखंड कनेक्शन
