झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए विश्वविद्यालय परिसर की निर्माणाधीन परियोजनाओं में कार्यरत श्रमिकों के लगभग 24 बच्चों को शिक्षित करने की पहल शुरू की है। इस अभियान के तहत बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने स्वयंसेवकों की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास भले ही छोटा प्रतीत होता हो, लेकिन इन बच्चों के भविष्य निर्माण में इसकी भूमिका बेहद अहम साबित होगी।

इस अवसर पर कुलपति की मौजूदगी में बच्चों को स्टेशनरी किट वितरित की गई। स्टेशनरी पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।
कार्यक्रम में उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनीष श्रीवास्तव, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. गौरव शर्मा तथा एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.पी. यादव ने भी भाग लिया। उन्होंने स्वयंसेवकों के समर्पण और सामाजिक सेवा की भावना की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी पहल बताया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक सेवा के समन्वय का यह प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रम न केवल जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव लाते हैं, बल्कि युवाओं में सामाजिक संवेदनशीलता को भी मजबूत करते हैं।
इस दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, डॉ. युमनाम बिजीलक्ष्मी देवी, डॉ. शिव वेंद्र एवं डॉ. अनीता पुयम सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
