
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मई 2026 में मंडल द्वारा 303.397 मीट्रिक टन स्क्रैप निस्तारण के लिए ऑफर किया गया। माह की शुरुआत में स्क्रैप का ओपनिंग बैलेंस 1265.373 मीट्रिक टन था। प्रभावी योजना, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के चलते स्क्रैप बिक्री से 5.809 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।
चालू वित्तीय वर्ष में झांसी मंडल अब तक 1578.66 मीट्रिक टन स्क्रैप और 23 हजार पीएससी स्लीपरों की बिक्री कर चुका है। इससे रेलवे को कुल 9.182 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि अनुपयोगी सामग्री के व्यवस्थित और पारदर्शी निस्तारण की नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक स्क्रैप प्रबंधन की सुव्यवस्थित प्रक्रिया से न केवल अनुपयोगी सामग्री का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और अतिरिक्त आय सृजन को भी बढ़ावा मिला है। इससे उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
झांसी मंडल द्वारा प्राप्त यह सफलता वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और कुशल संसाधन प्रबंधन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की योजनाओं के माध्यम से राजस्व बढ़ाने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
