झांसी। बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी के नेतृत्व में ऐतिहासिक लक्ष्मी तालाब पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तालाब के जीर्णोद्धार परियोजना में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बैठक में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि विकास के नाम पर केवल घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस लक्ष्मी तालाब से कभी शहर की जलापूर्ति होती थी, आज वह पूरी तरह प्रदूषित और जहरीला हो चुका है। उन्होंने कहा कि तालाब का पानी पीकर पक्षियों की मौत हो रही है, जबकि पहले मछलियां भी मर चुकी हैं। तालाब का दूषित पानी जमीन में रिसकर भूजल को भी प्रभावित कर रहा है।
डॉ. सुनील तिवारी ने कहा कि लक्ष्मी तालाब संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज भी तालाब में जलकुंभी और गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की गई है। तालाब का पानी सड़ रहा है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो समिति बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। डॉ. तिवारी ने बताया कि 5 जून पर्यावरण दिवस तक लगातार क्रमिक आंदोलन चलाया जाएगा तथा प्रशासन पर तालाब की सफाई की जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा। यदि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो समिति घर-घर जनजागरण अभियान शुरू करेगी।
बैठक में अशोक गुरु, हुकुमचंद रायकवार, आकाश रायकवार, अनील कुमार रिछारिया, अखिलेश गुरु सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
