झांसी। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा 21 अक्टूबर से गांधी उद्यान में अनशन एवं सत्याग्रह शुरू करेगा। ‘प्रधानमंत्री वादा निभाओ, बुंदेलखंड को राज्य बनाओ’ के नारे के साथ होने वाले आंदोलन का नेतृत्व बाबू सिंह यादव करेंगे। मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय समेत चार लोग अनशन पर बैठेंगे।
वार्ता के लिए बनेगी समिति
भानू सहाय और बाबू सिंह यादव ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि सरकार से वार्ता के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। कानूनी मामलों के लिए 20 अधिवक्ताओं की टीम भी रहेगी।
कई दल और संगठन होंगे शामिल
आंदोलन को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, बुंदेलखंड क्रांति दल, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा, बुंदेलखंड विकास दल, राष्ट्रीय जनताराज पार्टी और भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा। 20 गैरराजनीतिक संस्थाएं भी बारी-बारी से एक-एक दिन सत्याग्रह में शामिल होंगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार की मांग
मोर्चा का दावा है कि बुंदेलखंड के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में करीब 60 प्रतिशत पद खाली हैं। इन पदों को भरने और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को 100 प्रतिशत सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान बनाने, शिक्षकों के रिक्त पद भरने और उन्हें नियमित करने की मांग भी उठाई जाएगी।
मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने की मांग
मोर्चा महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी को एम्स के रूप में उच्चीकृत करने की मांग करेगा। इसके अलावा अवैध नर्सिंग होम से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के विस्थापितों को उचित मुआवजा देने की मांग भी आंदोलन में शामिल है। परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की समयबद्ध जांच कराने की मांग भी की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में अशोक सक्सेना, हमीदा अंजुम, उत्कर्ष साहू, प्रदीप नाथ झा, गोलू ठाकुर, विकास पुरी, अभिषेक तिवारी, अनिल कश्यप, शाहजहां बेगम, शबनम खान, राधा वर्मा और रजनी वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
