झांसी। जनपद स्थित रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, झांसी के बीच एक महत्वपूर्ण (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह एवं सहायक निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह की उपस्थिति रही।

विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. एस.एस. कुशवाह तथा केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान की ओर से डॉ. रविंद्र सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के माध्यम से दोनों संस्थानों ने साझा शैक्षणिक एवं अनुसंधान हितों पर सहमति व्यक्त करते हुए कृषि, आयुर्वेद एवं संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने का निर्णय लिया है।
एमओयू का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना तथा मध्य भारत, विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों की आजीविका में सुधार लाना है। इस सहयोग से विद्यार्थियों के शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी, साथ ही रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के अवसर भी बढ़ेंगे।
कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार सेवाओं को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, सहायक निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर बुंदेलखंड क्षेत्र में औषधीय पौधों के गुणों की पहचान, उनके सक्रिय घटकों के निष्कर्षण एवं उससे संबंधित प्रशिक्षण विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे।
दोनों संस्थानों के प्रमुखों ने वैज्ञानिकों के चयन एवं कार्य बिंदुओं की रूपरेखा तैयार कर संयुक्त शोध कार्यों को प्रभावी रूप से लागू करने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर डॉ. आर.के. सिंह (अधिष्ठाता कृषि), डॉ. एस.के. चतुर्वेदी (निदेशक शोध), डॉ. मनीष श्रीवास्तव (अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी), डॉ. प्रशांत जाम्भुलकर (प्राध्यापक, पादप रोग), डॉ. संजीव कुमार लाले, डॉ. विजय कुमार सहित अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
