महिला की मौत

योगी सरकार का बजट “ नाम बड़े और दर्शन छोटे”: चंद्रपाल सिंह यादव

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झांसी 22 फरवरी । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आज पेश बजट पर विभिन्न दलों के नेताओं ,किसानों, व्यापारियों  और अन्य लोगों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है।
बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और  अंतरराष्ट्रीय सहकारिता संघ (एशिया-प्रशांत क्षेत्र) के अध्यक्ष ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश बजट को “ नाम बड़े और दर्शन छोटे” की संज्ञा देते हुए कहा कि यह वादों की सरकार है पिछले बजट में भी ऐसे ही वादे किये गये थे जिसमें से धरातल पर कोई नजर नहीं आता और आज फिर नये वादे कर दिये हैं। पिछले पूरे नहीं किये और नये वादे कर दिये, ऐसे में कोई ऐसे वादों पर कैसे भरोसा करे।
उन्होंने कहा कि इसके न तो महिलाओं के लिए कुछ है, न ही किसानों के लिए और न ही युवाओं के लिए कुल मिलाकर फिर से की गयी एक लफ्फाज़ी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने इस बजट को बुंदेलखंड के लोगों के साथ छलावा बताते हुए सवाल किये कि डिफेंस कॉरिडोर पर अब तक धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ है। बुंदेलखंड में शिक्षा का स्तर बहुत खराब है ऐसे में अगर यह मान भी लें कि यहां उद्योग लगाये जायेंगे तो स्थानीय लोगों को साफ सफाई और पानी पिलाने जैसे गैर तकनीकी काम ही मिलेंगे। ऐसे में रोजगार की जो बड़ी तस्वीर डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से सरकार दिखा रही है वह छलावा है।
पिछली बार भी फूड पार्क बनाने का वादा किया था कहां बना बुंदेलखंड में कोई फूड पार्क। बुंदेलखंड का किसान कर्ज के बोझ से दबा है क्या इसको लेकर कोई घोषणा बजट में की गयी है। इस क्षेत्र में भूमिगत जल ही नहीं है तो ऐसे में निजी नलकूप किसानों को बिजली में 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का क्या औचित्य है। इस क्षेत्र के भूमिगतजल को बढ़ाने के लिए कोई प्रभावी नीति सरकार के पास नहीं । पिछले बार से झांसी में मेट्रो चलाने के वादे सरकार कर रही है अब तक कोई काम नहीं कर पायी है। इस सरकार के पास देने के लिए मात्र वादे हैं।
किसान नेता गौरीशंकर बिदुआ ने बजट को पूरी तरह से निराशावादी बताते हुए कहा कि इसमें बुंदेलखंड के लिए कुछ नहीं है, जो घोषणाएं की गयी हैं वह तो “ दिवास्वप्न” मात्र हैं । इससे पहले भी सरकार लोकलुभावन घोषणाएं कर चुकी है लेकिन धरातल पर कोई खास बदलाव नहीं आया।
उन्होंने कहा “ यह सरकार एक हाथ से देती है तो अधिकारियों के माध्यम से दूसरे हाथ से वापस ले लेती है। जो पुरानी योजनाएं इस क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर में सुधार के लिए चैक डैम बनाकर की गयी थी वह सभी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। सरकार जो पैसा आवंटित करती है उसे बनाने के लिए प्रशासन जो व्यवस्था करता है उसके तहत आधे से अधिक पैसे रिश्वत में चला जाता है । इस कारण ठेकेदार दोयम दर्जे का काम कर अपने कर्तव्य की इतिश्री करने में लगे हैं और किसान और आम जनता ठगी रह गयी है।
व्यापारी नेता और उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राघव वर्मा ने कहा कि बजट में व्यापारियों के लिए सीधे तौर पर तोकुछ नहीं है लेकिन किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाने को जो घोषणाएं की है उससे आखिरकार व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इस तरह से बजट में प्रत्यक्ष रूप से तो व्यापारियों के लिए कोई बड़ी घोषणाएं नहीं की है लेकिन जो भी घोषणाएं कि हैं उनके कारण व्यापारिक गतिविधियों में काफी फायदा होगा।
शिक्षक वर्ग के लोगों ने वैट घटाने और कोई नया कर न लगाए जाने पर खुशी व्यक्त की है ।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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