झांसी। बुंदेलखंड महाविद्यालय (बीकेडी) में प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव की मतगणना शुरू होने के साथ एक बार फिर सियासी हलचल का केंद्र बन गया है।यहां मंगलवार सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हो गई। मतगणना के साथ ही भाजपा और समाजवादी पार्टी समेत चुनाव मैदान में उतरे 13 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
महाविद्यालय के कोठारी हॉल में इस चुनाव की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी दस जनपदों की मतपेटियों में रखी मतपत्रों की गणना यहां की जा रही है। मतदान के बाद सभी जिलों के मतपत्रों को महाविद्यालय के कोठारी हॉल में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था। अब मतगणना पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा कि विधान परिषद में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किसके हाथों में जाएगा।
14 टेबलों पर होगी मतगणना
मतगणना के लिए कोठारी हॉल में 14 टेबल लगाई गई हैं। पूरी प्रक्रिया 03 पालियों में संपन्न कराई जाएगी। इसके लिए रिजर्व कर्मियों समेत कुल 270 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक टेबल पर चार मतगणना कर्मी तैनात रहेंगे और मतगणना का कार्य कराया जाएगा। प्रशासन ने मतगणना की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा-सपा के बीच सीधा मुकाबला
प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा है। इनमें भाजपा के अशोक कुमार राठौर और समाजवादी पार्टी के डॉ. मानसिंह यादव प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इनके अलावा शिव शंकर पटेल, केशव कांत शर्मा, दीपक कुमार द्विवेदी, देवेश कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार, सारिका, रमेश चंद्र दुबे,मान सिंह यादव, राजकुमार, राहुल कंकने और विशाल कुमार भी चुनाव मैदान में हैं।
चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है। सपा के डॉ. मानसिंह यादव के सामने अपनी सीट बरकरार रखने की चुनौती है, वहीं भाजपा के अशोक कुमार राठौर इस सीट पर पार्टी का कब्जा जमाने के प्रयास में हैं। मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि सीट पर सपा अपना वर्चस्व कायम रख पाती है या भाजपा को सफलता मिलती है।
मतपत्रों की जांच से लेकर गणना तक सख्त निगरानी
मतदाता सूची को लेकर चुनाव के दौरान उठे सवालों और आरोपों के मद्देनजर प्रशासन मतगणना प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि मतपत्रों को खोलने से पहले गणना एजेंटों को दिखाया जाए और निर्धारित प्रमाणपत्र पर उनके हस्ताक्षर कराए जाएं। इसके साथ ही मतपत्रों की गणना के बाद अवैध मतपत्रों को भी गणना एजेंटों के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
मतगणना में तैनात माइक्रो ऑब्जर्वर, गणना सुपरवाइजर और गणना सहायकों को पूरी सावधानी के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल सभी की निगाहें मतगणना के परिणाम पर टिकी हैं। इस प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद सीट पर किस प्रत्याशी को जीत मिलती है।
