पीड़ित परिवार के अनुसार, 28 जुलाई को बच्ची के साथ छेड़खानी की घटना हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें आरोपी पुजारी को कथित तौर पर माफ करने का फरमान सुनाया गया। पीड़ित पिता ने पंचायत के फैसले को मानने से इनकार करते हुए पुलिस में शिकायत की।
परिवार का कहना है कि पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार ने आरोपी के खुलेआम घूमने का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित पिता का आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने के बाद दबंगों ने खेत में उसके साथ मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
परिवार ने गांव में सामाजिक बहिष्कार किए जाने का भी आरोप लगाया है। मामले में पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
