झांसी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) झांसी की ओर से शुक्रवार को जिला कारागार झांसी में विधिक जागरूकता एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सिविल जज (सीडी)/सचिव डीएलएसए ईशा त्रिपाठी ने कारागार का निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं तथा उन्हें उनके विधिक अधिकारों की जानकारी दी।

जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमलेश कच्छल के निर्देशन में आयोजित निरीक्षण के दौरान सचिव ने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार है तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को अधिवक्ता, परामर्श और अन्य कानूनी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार परिसर में स्थापित लीगल हेल्प डेस्क का भी शुभारंभ किया गया। सचिव ने बताया कि इस हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों को जमानत, अपील, पैरोल, मुकदमों की जानकारी तथा अन्य विधिक सहायता संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। बंदी अपनी शिकायतें और समस्याएं भी इस डेस्क के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकेंगे।
सचिव ने कारागार अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बंदी को विधिक सहायता प्राप्त करने का अवसर दिया जाए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “सभी के लिए न्याय” की अवधारणा को साकार करना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ सहायक आदिल जाफरी, चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल प्रतीक समाधिया, असिस्टेंट लीगल डिफेंस काउंसिल अजय राठौर एवं दीपक मणि त्रिपाठी सहित वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार और अन्य कारागार अधिकारी उपस्थित रहे।
