झांसी। बुंदेलखंड के झांसी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “महिला स्वास्थ्य एवं समाज में महिलाओं की भूमिका” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी के अध्यक्षता डॉ सुधाकर पांडेय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ कुसुम पांडेय द्वारा की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि स्त्री और पुरुष मिलकर ही परिवार व समाज की नींव रखते हैं । हमें महिलाओं और लड़कियों को आगे बढ़ाने, कौशल साझा करने, और समावेशी विकास के लिए सहयोग व उदारता पर जोर देना चाहिए।

डॉ कुसुम पांडेय ने गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि स्त्री जननी है, उसके पास सृजन की क्षमता है, जिससे सृष्टि का संचालन सुचारु रूप से चलता रहता है। महिलाओं को कर्तव्यों के साथ ही अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्याय के विरुद्ध कानूनी सहायता लेने में तत्पर रहना चाहिए।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन के जैन ने कहा कि महिलाओं को परिवार के साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। 30 वर्ष की आयु के पश्चात महिलाओं को समय-समय पर अपनी जांच अवश्य करानी चाहिए। महिला दिवस के अवसर पर सभी को नियमित जांच कराने का संकल्प लेना चाहिए।
गोष्ठी के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा महिला चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र दिया गया।
प्रशस्ति पत्र पाने वालों में डॉ शशि बाला चौधरी चिकित्सक, डॉ आरती रानी चिकित्सक, डॉ रेनू अग्रवाल चिकित्सक, डॉ सीमा मीना चिकित्सक डॉ समरीन चिकित्सक, डॉ चंचल चिकित्सक, डॉ आकांक्षा चिकित्सक डॉ जूही सूलिया एसएमओ डब्ल्यूएचओ, डॉ विजयश्री शुक्ला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, डॉ अनुराधा राजपूत एपिडेमियोलॉजिस्ट, रानी श्रृंगी ऋषि एआरओ, मेघा गुप्ता एआरओ, पिंकी दिवाकर एआरओ, शालिनी सिंह वरिष्ठ सहायक कु. नेहा यादव कनिष्ठ सहायक , सपना वर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर , ममता पटेल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लवली मिश्रा आयुष्मान मित्र , सुनीता एएनएम , सुनीता राजपूत आशा कार्यकत्री शामिल रहीं ।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
