झांसी । बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने बीसीसीआई द्वारा घोषित महिला विश्वकप 2025 की टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है।
बीसीसीआई द्वारा महिला विश्वकप 2025 टीम की घोषणा मंगलवार को की गई और उस भारतीय टीम में बुंदेलखंड के छतरपुर जिले की क्रांति गौड़ को 2025 महिला क्रिकेट विश्वकप के लिए भारतीय महिला टीम का टिकट मिला है।
बुंदेलखंड की धरती ने भारतीय खेलों के महानायक मेजर ध्यानचंद सहित कई अनगिनत खिलाड़ी दिए। यदि बात महिला क्रिकेट की करें तो इससे पहले झांसी से गायत्री अग्रवाल पहली महिला खिलाड़ी थी जो विश्वकप क्रिकेट के भारतीय कैंप में शामिल रही थी।
इंग्लैंड सीरीज के अखिरी वनडे में 6 विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की गेंदबाज बनी क्रांति गौड़ को भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले वनडे विश्वकप की टीम में चयन के रूप में तोहफा मिला है।
बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के धुवारा से निकली मध्य प्रदेश की 21 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ के चयन की खबर से हर बुंदेलखंडी गौरवांवित है और सोशल मीडिया पर क्रांति को बधाईयों का तांता लग गया है।
क्रांति गौड़ ने बताया कि 2025 तक टीम इंडिया के सदस्य बनने की दौड़ में मैं नहीं थीं।श्रीलंका में त्रिकोणीय सीरीज़ के लिए वनडे प्लेइंग टीम में मेरा नाम नहीं था, मैं निराश नहीं हुई कड़ी मेहनत करती रही लेकिन एक चोट के कारण तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर काश्वी गौतम बाहर हुईं, तो मुझे फ़ाइनल में खेलने करने का मौक़ा मिला।इस मैच में मैने पांच ओवर डाल कर 22 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला।
जब इंग्लैंड दौरे के लिए टीम को चुनी गया, तो शुरुआत में 30 खिलाड़ियों की सूची में मेरा नाम नहीं था।लेकिन बेंगलुरु में विशेष स्किल कैंप में मेरी मेहनत और गेंदबाजी से मैने वहां के कोचों को प्रभावित किया और बाद में टीम में जोड़ी गईं।
रेणुका सिंह और तितास साधु के चोटिल होने के कारण क्रांति को यह पता था कि इंग्लैंड में वनडे सीरीज़ के दौरान उन्हें अरुंधति रेड्डी के साथ एक स्थान के लिए संघर्ष करना होगा, क्योंकि टीम मैनेजमेंट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे स्पिन-प्रधान आक्रमण के साथ उतरेंगे और अमनजोत कौर दूसरी तेज़ गेंदबाज़ होंगे।
क्रांति गौड़ भारतीय महिला क्रिकेट लीजेंड झूलन गोस्वामी को अपना आदर्श मानती है।