झांसी ।बुंदेलखंड के झांसी में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने तीन साल पहले बाप -बेटी के रिश्ते को कलंकित कर मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म को अंजाम देने वाले पिता के दोषी पाए जाने के बाद आज 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।इतना ही नहीं 1,05,000 रुपए अर्थदण्ड भी लगाया गया,अर्थदण्ड न अदा करने पर उसे 03 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादिया ने थाना सकरार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 03 नंबवर 2022 को दिन में वह मजदूरी के लिये खेतों पर गयी थी। उसकी पुत्री उम्र 11 वर्ष घर में अकेली थी तभी उसके पति सूरज ने घर की कुन्डी बन्द कर बेटी के साथ जबरदस्ती गलत काम किया, उसने चिल्लाने की कोशिश की तो उसके मुंह पर कपड़ा रख दिया और धमकाया की यह बात अगर वादिया को बताई तो उसे जान से मार देगा।
जब वह काम से घर वापिस आई तो पुत्री गुमसुम बैठी थी। वादिया ने दुलारते हुए उससे कारण पूछा तो पीड़िता ने पूरी बात रोते हुए बताई। जब उसने अपने पति से यह बात कही तो वह गालियां देता हुआ घर से चला गया।महिला ने सोच विचार कर अपनी पुत्री को साथ लेकर प्रार्थना पत्र थाने पर दिया। वादिया तहरीर पर धारा-376एबी, 504, 506 भा०दं०सं० व 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधि० में अभियुक्त सूरज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया जहां प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अपराधी सूरज सिंह परिहार उर्फ कालू को धारा-506 भा.द.स. के अपराध के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000 रुपए के अर्थदण्ड , अर्थदण्ड न अदा करने पर 02 माह के अतिरिक्त कारावास , धारा-5 (ढ)/6 पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,00,000 रुपए अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड न अदा करने पर 03 वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।
