झांसी ।उत्तर मध्य रेलवे के झांसी रेल मंडल में आज जल संरक्षण विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं जागरूकता-प्रधान सेमिनार का आयोजन किया गया।

मंडल रेल प्रबंधक सभाकक्ष में कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार एवं प्रतिष्ठित जल विशेषज्ञ अजय सिंह ( आईआरएसएमई – 1991 बैच) द्वारा संयुक्त रूप से की गई।

अजय सिंह, जिन्हें भारतीय रेल में उनकी प्रेरणादायक जल संरक्षण उपलब्धियों के लिए “ वॉटर मैन ऑफ़ इण्डियन रेलवे ” के नाम से सम्मानित किया जाता है, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल में बायो-टॉयलेट प्रोजेक्ट की नींव रखने का श्रेय भी श्री सिंह को जाता है। उनके निरंतर प्रयासों से बेंगलुरू स्टेशन को वॉटर स्केर्सिटी की श्रेणी से निकालकर वॉटर सरप्लस स्टेशन के रूप में विकसित किया गया—जो रेलवे में जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
सेमिनार के दौरान श्री सिंह ने वॉटर सस्टेनेबिलिटी और वॉटर मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव साझा किए। उन्होंने रेलवे परिसरों एवं स्टेशनों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु वॉटर रिचार्ज, ग्राउंड वाटर रिवाइवल, एवं वाटर बॉडीज के सृजन के सरल, व्यवहारिक एवं प्रभावी तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को छोटे तालाब, कुएँ, एवं अन्य जल संरचनाओं के निर्माण को बढ़ावा देकर प्राकृतिक जल संचयन को मजबूत करना, रेलवे परिसरों और कॉलोनी क्षेत्रों में छोटे से छोटे वॉटर लीकेज को तुरंत रोकने की दिशा में कार्य करना, जल निकायों और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने से जल संरक्षण को मिलने वाले लाभों पर बल देनाऔर वर्षा जल संचयन ) को रेलवे की दैनिक कार्यप्रणाली का प्रमुख अंग बनाने पर जोर देने का आग्रह किया।
