झांसी । बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’ का शुक्रवार से शुभारम्भ होने जा रहा है । इस मेले में 50 से अधिक प्रकाशक, एक लाख से अधिक पुस्तकों के साथ शामिल होंगे साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन, कवयित्री सम्मेलन, मुशायरा और लेखक से भेंट आदि के कार्यक्रम मुख्य आकर्षण होंगे।

विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कला संकाय, हिन्दी विभाग और बुन्देली विरासत दीर्घा के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 50 से अधिक प्रकाशक एक लाख से अधिक पुस्तकों के साथ सम्मिलित हो रहे हैं।
मेले में अब तक राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, सर्वभाषा ट्रस्ट प्रकाशन, अनंग प्रकाशन, यश पब्लिकेशन्स, सत्यम प्रकाशन, विकल्प प्रकाशन, स्याही ब्लू बुक्स, प्रलेक प्रकाशन, समय साक्ष्य, विकास प्रकाशन, अमन प्रकाशन, आराधना ब्रदर्स, लोकभारती प्रकाशन, मयूर पेपर बैक्स, राधाकृष्ण प्रकाशन, नवशिला प्रकाशन, पंकज बुक्स जैसे प्रकाशकों ने आने की स्वीकृति दी है ।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए मेला संयोजक प्रो. पुनीत बिसारिया ने बताया कि पुस्तक मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक विद्यार्थियों एवं आम जनता के लिए खुला रहेगा और प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि मेला मंच पर प्रतिदिन ‘लेखक से भेंट’ कार्यक्रम में अनेक नवीनतम और चर्चित पुस्तकों के लेखक विद्यार्थियों एवं आम लोगों के सवालों के उत्तर देंगे तथा प्रतिदिन बुन्देली के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनन्द लिया जा सकेगा।
सह संयोजक डॉ श्रीहरि त्रिपाठी ने बताया कि 28 मार्च को उत्तर प्रदेश बौद्ध अध्ययन संस्थान के उपाध्यक्ष तथा दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हरगोविन्द कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य में तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय की अध्यक्षता में कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह होगा तथा 28 मार्च को ही कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया है। मेले में 29 मार्च को कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जाएगा तथा 30 मार्च को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
