झांसी।बुंदेलखंड में झांसी जिले की टहरौली तहसील के ग्राम बरौल (बरौर) में खनन माफियाओ पर शासन प्रशासन का कोई खौफ नज़र नहीं आ रहा है ,इसी का परिणाम है कि लगातार खनन के वीडियो वायरल होने के बाद ही बेतवा का सीना चीर अवैध खनन बदस्तूर जारी है।


खनन माफिया सर्वोच्च न्यायालय-एनजीटी के आदेशों को धता बताते हुए नियम-कानूनो की खुले आम धज्जियां उडा रहे है । बरौल में एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश मानों दीवार पर टंगे उस पुराने कैलेंडर की तरह हो गये हों जिन्हें देखना सम्बन्धित अधिकारी मुनासिब नहीं समझते।
कानून कहता है कि बिना वैध पट्टे के खनन अपराध है लेकिन यहां लगता है कानून छुट्टी पर है और माफिया ‘कंट्रोल रूम’ में बैठे हैं। या फिर यूं कहिये कि खनन माफियाओं की बेतवा नदी की खनन साधना में जिम्मेदार अधिकारी खलल डालकर अपने आपको पाप का भागीदार नहीं बनने देना चाहते हैं ।
अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्राण के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी इन माफियों पर शिकंजा कसना तो दूर उनके किसी प्रकार का खौफ पैदा करने में भी नाकामयाब हैं । अधिकारियों की कार्यशैली दिखाती है कि बरौल के अवैध घाट तक जाना, शायद जिम्मेदार अधिकारियों के कार्य-विवरण का बिंदु है ही नहीं।
