झांसी।जिले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसीसीए डब्ल्यू)/(बलात्कार संग पॉक्सो अधि. सम्बन्धी) अनुभव द्विवेदी के न्यायालय ने पांच साल पहले 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ रिश्ते में फूफा द्वारा दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा 50 हजार रूपए अर्थदण्ड से भी दण्डित किया।

विशेष लोक अभियोजक चन्द्र प्रकाश शर्मा के अनुसार वादिनी मुकदमा ने थाना कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि उसकी पुत्री उम्र करीब 9 वर्ष कक्षा एक में पढ़ती है। वह भी अपने पति के साथ मजदूरी करती है । झांसी अपने घर आते जाते रहते है। 06 जनवरी 2020 को उसकी पुत्री को (नन्दोई) का भाई अशोक कोरी ग्राम गुलारा घुमाने को कहकर अपने साथ ले गया था और रात में अपनी बुआ के घर झांसी में रखा ।
07 जनवरी 2020 को उसके पति ने मोबाइल से अशोक से बात करके अपनी पुत्री को वापस लाने को कहा तो उसने बताया कि लड़की को चोट लगी है। मैं उसका इलाज करा रहा हूँ कुछ देर बाद आऊंगा । वादिया अपने पति के साथ ढूंढते-ढूंढते मेडिकल कालेज के पास प्राइवेट अस्पताल पहुँची तो देखा पुत्री को बोतल चढ़ी हुई थी वह गम्भीर हालत में थी। बेटी उससे लिपटकर रोने लगी और बताया कि अशोक फूफा ने कल रात में मेरे साथ बुरा काम किया।
तहरीर के आधार पर अंतर्गत धारा 376 कख भा०दं०सं० व धारा-5/6 पॉक्सो अधि० के तहत अभियुक्त अशोक कोरी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।जहां प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त अशोक कोरी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5(ड)/6 के अंतर्गत 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 50 हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न किए जाने पर अभियुक्त को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
