झांसी।जिले के प्रभारी जिलाधिकारी सह मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने कहा कि ओवरलोडिंग वाहनों से ग्रामीण सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अब सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से ग्रामीण सड़क की करें निगरानी ताकि ओवरलोड वाहनों के संचालन को रोका जा सके।

यहां विकास भवन सभागार में प्रभारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने क्षतिग्रस्त हो रही ग्रामीण सड़कों की जानकारी देते हुए बताया कि गरौठा क्षेत्र में रमपुरा सिमरधा मार्ग, गरौठा- मोतीकटरा-कुरैछा मार्ग, दुगारा-बगरौनी -मारकुआं-गुढ़ा मार्ग सभी बालू खनन क्षेत्र से संबंधित हैं एवं झांसी क्षेत्र में रक्सा करारी मार्ग क्रेशर से प्रभावित हैं जो ओवरलोड वाहनों के संचालन से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
प्रभारी जिलाधिकारी ने पुलिस एवं परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इन मार्गों पर चलने वाले ओवरलोड वाहनों के संचालन को पूर्णत: रोके जाने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए।
प्रभारी जिलाधिकारी ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूली वाहनों से संबंधित निर्दिष्ट मानकों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। स्कूल प्रबंधक यह प्रमाणित करें कि कोई भी बच्चा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन से स्कूल नहीं आएगा,यदि स्कूल की ड्रेस में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने के दौरान यदि दुर्घटना होती है तो अभिभावक /प्रधानाचार्य पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
एआरटीओ को निर्देशित किया कि समस्त स्कूलों को सूचीबद्ध करते हुए रोस्टर बनाते हुए रैंडमली जांच करना सुनिश्चित करें। बिना फिटनेस के स्कूल वाहन यदि संचालित होता है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। वाहन फिटनेस के 03 नोटिस देने के बाद यदि फिटनेस नहीं होती है तो संबंधित वाहन का लाइसेंस निरस्त किया जाए।यदि विद्यालय द्वारा बाहर से वाहन लगाए हैं और दुर्घटना होती है तो संबंधित विद्यालय की सीधी जिम्मेदारी तय होगी।
