झांसी । उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने विद्युत लोको शेड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शेड में मेंटेन किए गए 300वें विद्युत लोको को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।
यहां विद्युत लोको शेड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 300वें विद्युत लोको को रवाना किया गया। मंडल रेल प्रबंधक की मौजूदगी में अप्रैल माह में सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ टेक्नीशियन शिवप्यारे द्वारा विद्युत लोको को हरी झंडी दिखाई गई। लोको नंबर 42759 “पवन” इस शेड में अनुरक्षित किया गया 300वां लोको है। यह उपलब्धि न केवल शेड की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि यहां कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पण, टीम वर्क एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का भी परिचायक है। इस अवसर पर उपस्थित सभी रेलकर्मियों में विशेष उत्साह एवं गर्व का वातावरण देखा गया।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा डब्ल्यूएजी 5 लोको मॉडल का अनावरण किया गया। यह मॉडल भारतीय रेल की धरोहर है। इसके माध्यम से विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया। डीजल लोको शेड द्वारा आधुनिक होने के साथ ही गौरवशाली विरासत के संरक्षण का भी कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विद्युत लोको शेड में कार्यरत अभियंताओं के लिए एक आधुनिक एवं सुसज्जित अभियंता कक्ष का उद्घाटन भी किया गया। यह कक्ष पूर्णतः वातानुकूलित है तथा इसमें अभियंताओं के बैठने, विश्राम एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही, इसे इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह अभियंताओं के लिए एक रिक्रिएशन स्पेस के रूप में भी कार्य कर सके। इस सुविधा से कर्मचारियों को कार्य के बीच बेहतर विश्राम एवं अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता, संतुष्टि एवं मनोबल में सकारात्मक वृद्धि होने की अपेक्षा है।

इसके अतिरिक्त, मंडल रेल प्रबंधक द्वारा विद्युत लोको शेड के एक विस्तृत एवं आकर्षक मॉडल का भी अनावरण किया गया। इस मॉडल के माध्यम से शेड की संपूर्ण संरचना, विभिन्न अनुभागों, कार्यप्रवाह एवं अनुरक्षण प्रक्रियाओं की जानकारी एक ही स्थान पर सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। यह मॉडल विशेष रूप से आगंतुकों, प्रशिक्षणार्थियों एवं अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा तथा तकनीकी समझ को सरल एवं प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
मंडल रेल प्रबंधक ने इस अवसर पर विद्युत लोको शेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां भारतीय रेल की प्रगति, परिचालन दक्षता एवं सेवा गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भविष्य विद्युत लोको शेड से निकलने वाले सभी लोको का नाम कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के नाम पर रखा जाए। उन्होंने सभी को भविष्य में भी इसी समर्पण एवं उत्कृष्टता के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
