झांसी। बुंदेलखंड क्षेत्र और विशेष रूप से झांसी जनपद में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने करवट बदली है और इसी के प्रभाव में जनपद में बारिश होने के साथ ठिठुरन भी काफी बढ़ गई है हालांकि इस मौसमी मिजाज के कल से फिर से करवट लेने के आसार भी नजर आ रहे हैं।

झांसी में मौसम के इस बदले मूड़ के बारे में ” बुंदेलखंड कनेक्शन” के साथ विशेष बातचीत में मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए के सिंह ने बताया कि यह बेमौसमी बरसात जनपद में और बुंदेलखंड क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई है जिसकी वजह से ठिठुरन भी बढ़ी है ।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कल के बाद से इसका असर कम होने की पूरी संभावना है और इसी के चलते बुधवार के बाद से मौसम में फिर से बदलाव आएगा और धूप खिलेगी।

डॉ. सिंह ने बताया बेमौसमी बारिश से खेतों में लगी मटर ,गेहूं और सरसों की फसल को फायदा है जबकि चना और मसूर जैसी फासले जो अभी फूल के स्तर पर है ,उनको इससे नुकसान भी है । उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन फसलों में वृद्धि हो रही है और फलियां बन गई है, उनके लिए यह बारिश काफी मुफीद है। इस समय झांसी जनपद में सरसों ,गेहूं और मटर की खेती मुख्य रूप से हो रही है जिसके लिए यह बारिश काफी बेहतर है जबकि यदि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की बात करें तो सरसों ,गेहूं मटर के साथ-साथ चना, मसूर और आलसी भी बृहद क्षेत्र में बोया गया है । इस बारिश से चना और मसूर की फसलों को नुकसान है क्योंकि यह दलहनी फैसले इस समय फूल के स्तर पर है।

डॉ सिंह ने कहा कि इस बढ़ी ठंड के प्रभाव में जनपद में धुंध और कोहरे का भी असर देखने को मिल रहा है लेकिन क्योंकि क्षेत्र में दिन चढ़ने के साथ-साथ हल्की ही सही धूप खिल जाती है इसलिए धुंध और कोहरे के कारण फसलों को नुकसान नहीं है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बुधवार के बाद मौसम फिर करवट लेगा जब इस विक्षोभ का असर क्षेत्र से कम होने लगेगा और यह पूर्वांचल की ओर आगे बढ़ जाएगा। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि इसके बाद से एक और पश्चिमी विक्षोभ 9 से 10 फरवरी के बीच फिर से मौसम में बदलाव ला सकता है हालांकि अभी यह उतना सक्रिय नजर नहीं आ रहा है इसके बारे में आगे इसकी सक्रियता को देखते हुए ही अनुमान लगाया जा सकेगा।
