मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा

झांसी के स्वास्थ्य विभाग ने की मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा

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झांसी 16 जुलाई। बुंदेलखंड में झांसी के स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में जून माह में आये मातृ मृत्यु के 05 मामलों की समीक्षा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ़ सुधाकर पाण्डेय ने इन मामलों की संख्या में और कमी लाने के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिये।
शासन की ओर से जिलों में मातृ मृत्यु दर में कमी आने के निर्देशों के क्रम में सीएमओ कार्यालय में आयोजित जिला मातृ मृत्यु समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन डॉ़ पाण्डेय की अध्यक्षता मेंकी गयी। बैठक में माह जून 2024 में रिपोर्ट किए गए जनपद झांसी के पांच केसों की गहन समीक्षा की गई।

नोडल अधिकारी डॉ एन के जैन ने बताया कि प्रत्येक मातृ मृत्यु केस की इकाई आधारित समीक्षा तथा समुदाय आधारित समीक्षा निर्धारित प्रपत्रों पर की जाती है। जनपदीय समिति के समक्ष दोनों समीक्षाओं का गहन विश्लेषण किया जाता है एवं भविष्य में मातृ मृत्यु को होने से रोकने हेतु आवश्यक रणनीतियां बनाई जाती हैं।

डॉ़ पाण्डेय ने निर्देश दिए कि सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र की उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की महिलाओं की सतत निगरानी संबंधित आशा व एएनएम के माध्यम से करना सुनिश्चित करें। साथ ही सुरक्षित प्रसव हो जाने के बाद 42 दिनों तक फॉलो अप अवश्य किया जाए। फॉलो अप के दौरान महिला अथवा नवजात शिशु में खतरे के चिन्ह दिखाई देने पर तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा इकाई पर उपचार हेतु संदर्भित किया जाए। उन्होंने निजी चिकित्सालय के प्रतिनिधियों  को निर्देश दिए कि प्रसव हेतु भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जाए एवं दक्ष स्टाफ से ही प्रसव कार्य कराया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ विजयश्री शुक्ला ने पावरप्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि माह अप्रैल 2024 से जून 2024 के मध्य 18 मातृ मृत्यु केस रिपोर्ट किए गए हैं।  जिसमें से जनपद झांसी के 9 केस रिपोर्ट किए गए हैं, जो कि मऊरानीपुर के 3, बड़ागांव के 2, मोंठ व बबीना का 1-1 और नगरीय क्षेत्र के 2 केस हैं। 18 सूचित मातृ मृत्यु केस में से 14 केस की मृत्यु महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में, 1 की मृत्यु सीएचसी पर, 2 की मृत्यु प्राइवेट हॉस्पिटल में एवं 1 मातृ मृत्यु रास्ते में हुई है।

नोडल अधिकारी डॉ एन के जैन ने समीक्षा करते हुए सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 1, 9, 16 व 24 तारीख को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में एचआरपी महिलाओं की चिकित्सक द्वारा गुणवत्तापूर्ण जांच की जाती है एवं ई रूपी वाउचर जनरेट कर निर्धारित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की  सुविधा दी जाती है। अतः सभी आशाओं व एएनएम को प्राथमिकता के आधार पर एचआरपी महिलाओं तथा सभी गर्भवती महिलाओं की जांच चिकित्सक से करवाने हेतु निर्देशित किया जाए।

फील्ड स्टॉफ की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में पीएमएसएमए दिवस पर आने वाली गर्भवती महिलाओं की क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए जिस क्षेत्र की गर्भवती महिला पीएमएसएमए दिवस पर जांच  हेतु नहीं आती है, उस क्षेत्र की आशा व एएनएम को चेतावनी दी जाए।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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