अखिल भारतीय किसान मेला

झांसी : कृषि से जुड़ी संस्थाओं, कृषि वैज्ञानिकों- उद्यमियों और किसान संगठनो का संगम ‘अखिल भारतीय किसान मेला’ हुआ सम्पन्न

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झांसी। बुंदेलखंड के झांसी जिले में स्थित रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विवि में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला एवं  कृषि प्रदर्शनी – 2026  देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, किसान ऊत्पादक संगठनो, कृषि विश्वविद्यालयो, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं कृषि से जुड़ी संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और  बुंदेलखंड से 10,000 से अधिक किसानो के  प्रतिभाग के साथ संपन्न हुआ  ।

अखिल भारतीय किसान मेला

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर झांसी  विहारी लाल आर्य ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की धरा पर यह किसान मेला यहां के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। कृषि वैज्ञानिकों ने जो मनन किया है, नई तकनीके विकसित की हैं उनकी जानकारी कर किसान खेती करें।विकसित कृषि – विकसित भारत  2047 का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

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विशिष्ट अतिथि विमल कुमार दुबे,  (आईएएस) मण्डलायुक्त झांसी ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं । कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित “श्री अन्न उत्कृष्टता केंद्र” एवं “जैविक और प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र” की प्रयोगशालाओं से किसानों को ऑर्गेनिक प्रमाणन की सुविधा मिलेगी, जिससे श्रीअन्न का रकबा बढ़ेगा। विश्वविद्यालय द्वारा हाईटेक नर्सरी से तुरई, खरबूजा, खीरा आदि की गुणवत्तापूर्ण पौध उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। उन्होंने बुंदेलखंड के किसान उत्पादक संगठनों एवं उद्योगपतियों के साथ अंतरराष्ट्रीय समिट आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा किसानों से आह्वान किया कि वे कृषि विज्ञान केंद्रों एवं विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई तकनीकों को अपनाएँ।

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अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विकसित कृषि कैसे हो, इसके लिए इस मेले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की 14 संस्थाएं, कृषक उत्पादन संगठन, प्रगतिशील किसान आए हुए हैं और किसानों को विभिन्न तकनीकियों की जानकारी दे रहे हैं। विवि का प्रयास भी सफल होता दिखाई दे रहा है किसानों के खेतों पर विवि ने जो फसलें लगवाई गई थीं उनमें परिवर्तन आया है।  पशुपालन में शाहीवाल गाय और मुर्रा भैंस से किसानों के यहां दुग्ध पालन में प्रगति देखने को मिली है। कृषि विश्वविद्यालय नई पौध, नया उन्नत बीज एवं यहां के कृषि वैज्ञानिक किसानों के लिए हमेशा समर्पित हैं।

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इस मेले में अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए नीति आयोग के सदस्य डॉ. रमेश चंद ने कहा कि बुंदेलखण्ड के कृषि क्षेत्र में प्रगति हुई है।

निदेशक शोध डॉ. एस.के. चतुर्वेदी, ने मेले में प्राप्त सुझावों एवं संस्तुतियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया और उन्हें भविष्य की शोध एवं प्रसार योजनाओं में सम्मिलित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। तीन दिवसीय मेले में हुए आयोजनों की विस्तृत जानकारी दी।

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निदेशक प्रसार शिक्षा सह मेला संयोजक डॉ. सुशील कुमार सिंह, ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए मेले की उपलब्धियों का उल्लेख किया।तीनों दिनों में कृषि के विविध आयामों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए ।विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।

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इस मेले में श्री अन्न का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, इसमें पोषण सुरक्षा, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर विभिन्न प्रकार के मॉडल प्रदर्शित किये गए।विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। आईसीएआर संस्थानों में केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान को प्रथम, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान को द्वितीय तथा भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान एवं राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केंद्र को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र/निदेशालय श्रेणी विस्तार निदेशालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं विस्तार निदेशालय, आरवीएसकेवीवी को प्रथम, विस्तार निदेशालय, चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और विस्तार निदेशालय, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को द्वितीय, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र, चित्रकूट एवं कृषि विज्ञान केंद्र, कोटा को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

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निजी कंपनियों में दयाल ग्रुप और शक्ति वर्धक हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। लिमिटेड को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।वीएनआर नर्सरी, इकोसेफ एग्रीसाइंस इंडिया प्रा. लिमिटेड एवं धानुका एग्रीटेक लिमिटेड को द्वितीय, जबकि क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड, एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज, ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम और इंडोरामा को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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एफपीओ/एनजीओ श्रेणी में बलिनी, रामराजा मल्टी-स्टेट एग्रो को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कृष्णा पिकल्स और फलिन्द्रा-शर्लिन प्लांट आर्ट एंड बेग में एफएफ सीपीआई/एनजीओ श्रेणी में शामिल हैं। बोनसाई मंडप को प्रथम, अमरौख अर्थ जैव ऊर्जा एफपीओ एवं ठाकुर रामराजा प्राकृतिक जैविक कृषि धाम को द्वितीय, तथा मंजरी फाउंडेशन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इन सभी अवॉर्डियों ने अपने नवाचार, गुणवत्ता एवं कृषक हितैषी प्रयासों से मेले की गरिमा को नई ऊँचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभात तिवारी एवं सभी लोगों का आभार डॉ. अर्तिका सिंह ने व्यक्त किया।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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