झांसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुंदेलखंड और विशेष रूप से झांसी की पुरानी मांग को पूरा करते हुए एनएच-44 और एनएच-39 को जोड़ने वाले बाईपास के निर्माण के लिए 631.73 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।


झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को संकल्पबद्ध सांसद अनुराग शर्मा के निरंतर प्रयासों से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बाईपास के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है।
यह प्रस्तावित बाईपास लगभग 15.572 किमी लंबा होगा, जिसे ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यह न केवल झांसी और ओरछा वासियों के लिए यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा ) के माध्यम से क्षेत्र में आ रही औद्योगिक क्रांति को भी नई गति प्रदान करेगा। ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित होने के कारण यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और बुंदेलखंड की हरियाली की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सांसद अनुराग शर्मा ने कहा “मैंने माननीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से कई बार मिलकर इस बाईपास की आवश्यकता पर निर्माण की चर्चा की थी। आज अत्यंत हर्ष का विषय है कि केंद्र सरकार ने इसे स्वीकृति दे दी है। यह कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि हमारे विकसित बुंदेलखंड के सपने को भी साकार करेगा।सांसद जी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प की सिद्धि में ‘विकसित बुंदेलखंड’ एक अहम भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने इस सौगात के लिए संपूर्ण संसदीय क्षेत्र की जनता की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।
इस घोषणा के बाद पूरे संसदीय क्षेत्र और ओरछा में हर्ष की लहर है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इसे बुंदेलखंड के स्वर्णिम भविष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया है।
