झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा, कनिष्क सिंह ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद गर्भपात कराने के मामले में आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव के अनुसार वादिया मुकदमा ने 07 नंबवर 2025 को थाना गरौठा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री मुस्कान उम्र लगभग 16 वर्ष के साथ गाँव का रवि पुत्र राजू तमंचे के बल पर धमकाकर जबरन दुष्कर्म करता रहा व उसको जब गर्भ ठहर गया तो 03 नंबवर 2025 की शाम घर पर बुलाया और किशोरी को बन्दूक के बल पर गांव से उनके परिजन नरेन्द्र, पुष्पेन्द्र व राजू पुत्रगण प्रकाश व अन्य लोग बोलेरो से जबरदस्ती गुण्डई कर ले गये।
किशोरी को धमकाया कि अगर उसने किसी को सूचना दी तो परिवार को जान से मार देगें।भय के कारण वह सूचना नहीं दे सकी। इसके बाद आरोपी किशोरी को मरणासन्न हालत में घर पर छोड़ गये।
किशोरी ने बताया कि किसी अस्पताल में सात माह का गर्भपात करवा दिया।उक्त तहरीर के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 64 (4), 351 (3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
अभियुक्त रवि द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
