झांसी। महानगर स्थित पंडित दीनदयाल सभागार में आज उस समय हड़कंप मच गया जब आवास एवं विकास परिषद योजना 4 के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की आपत्तियां के मामले में सुनवाई कर रही परिषद की नियोजन समिति के समक्ष तीन किसानों ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि किसानों को ऐसा करता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आये और उन्होंने किसानों के इस प्रयास को विफल कर दिया।

आवास विकास परिषद योजना -4 के लिए महानगर में मौजा पिछोर, टाकोरी ,मुस्तरा और कोछा भंवर मैं किसानों से भूमि अधिग्रहण कर रही है ,जिसका किसान जबरदस्त विरोध कर रहे हैं । किसानों ने इस भूमि अधिग्रहण के विरोध में लिखित आपत्तियां दर्ज कराई , जिसके बाद परिषद की नियोजन समिति इन मामलों की सुनवाई के लिए यहां दीनदयाल सभागार में किसानों के साथ बैठक कर रही है। इसी क्रम में आज भी किसानों के साथ बातचीत की जा रही थी लेकिन किसानों का साफ कहना था कि वह अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है। बैठक के दौरान भी किसान आवास विकास के तर्कों से पूरी तरह निराश नजर आए और इस सुनवाई के दौरान ही वह सभागार के भीतर ही धरने पर भी बैठ गए। विरोध करने वाले किसानों में बुज़ुर्ग और महिलाएं भी शामिल थी ।

सभी विभाग की कार्रवाई से पूरी तरह से असंतुष्ट दिखाई दिए और समिति के सदस्यों से लगातार सवाल करते रहे । सभी का यही कहना था कि वह अपनी उपजाऊ जमीन आवास विकास को नहीं देंगे । किसानों का यह भी कहना था कि यदि रिहायशी कालोनी ही बनानी है तो किसी अन्य अनुपजाऊ जमीन को विभाग को अधिग्रहित करना चाहिए । इसके लिए उपजाऊ खेतिहर जमीन पर अधिग्रहण करना आखिर कहां तक जायज है। इसी सब के बीच दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त कहासुनी का दौर चल रहा था।

इसी बीच दोनों पक्षों के बीच किसी सहमति के बनने की संभावना न देख किसान आक्रोश में आ गए और तीन किसानों ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आत्मदाह करने का प्रयास किया लेकिन सभागार में मौजूद पुलिस बल ने तुरंत हरकत में आते हुए उनको ऐसा करने से रोक दिया हालांकि इस दौरान सभागार में जबरदस्त हड़कंप मच गया और नियोजन समिति के अधिकारी भी पूरी तरह सकते में आ गए हालांकि पुलिस के बीच बचाव से मामले को किसी तरह काबू में किया गया ।
घटना की जानकारी मिलते ही पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्होंने व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया लेकिन किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर था और वह जमीन अधिग्रहण किए जाने के विरोध में लगातार नारेबाजी करते रहे। इतना ही नहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद आक्रोशित किसान हाथों में तख्ती लेकर आवास विकास विरोध में जबरदस्त नारे लगाते हुए दीनदयाल सभागार से बाहर आ गए ।

जैसे ही जिला प्रशासन को इस मामले की जानकारी हुई अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वरुण पांडेय मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को यह भ्रम हो गया है कि सरकार उनकी जमीन जबरदस्ती अधिग्रहण कर लेगी जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है किसी की भी जमीन जबरदस्ती नहीं ली जा रही है।
उन्होंने कहा ” आवास विकास परिषद द्वारा चार गांव मे भूमि अधिग्रहण की जा रही थी और इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा नोटिस भेजा गया था । इस पर कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी और कहा था कि वह अपनी जमीन देना नहीं चाहते हैं । इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र के क्रम में आवास विकास लखनऊ से टीम झांसी आई थी और यहां ऐसे ही मामलों की सुनवाई चल रही थी। कुछ लोगों को भ्रम था कि उनकी जमीन की जमीन सरकार जबरदस्ती ले लेगी या उनकी बात नहीं सुनी जाएगी उनका भ्रम दूर किया गया है और बताया गया कि सभी की लिखित आपत्तियां यहां ली जा रही हैं ।उसकी सुनवाई की जा रही है साथ ही वीडियो ग्राफी भी कराई जा रही है। किसी की भी जमीन जबरदस्ती नहीं ली जा रही है। मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया कि दीनदयाल सभागार में कुछ लोगों ने आत्मदाह का प्रयास किया था लेकिन समय रहते उनके इस प्रयास को पूरी तरह से विफल कर दिया गया और अब मौके पर पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है।”
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
