झांसी । पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने झांसी नगर निगम की आयुक्त आकांक्षा राणा एवं चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर महानगर की बुनियादी समस्याओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

वार्ता के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाना अत्यंत आवश्यक है। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लगाए गए ट्रैफिक सिग्नलों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। उन्होंने लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए इन ट्रैफिक सिग्नलों की मॉनिटरिंग, उपयोगिता और स्थापना प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
इसके साथ ही शहर के अधिकांश पार्कों में लगे ओपन जिम अधूरे एवं असुसज्जित होने का मुद्दा भी उठाया गया, जिससे आम नागरिकों को सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।किले वाली सड़क पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत लाखों रुपये किराए पर लगाए गए छातों के गायब होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई और इस पर जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई गई।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी असंतोष जताते हुए कहा कि पटरी दुकानदारों को एक दिन हटाकर बाद में कोई स्थायी और सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जाता, जिससे ट्रैफिक अव्यवस्था और सामाजिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने छोटे दुकानदारों के लिए स्थायी, व्यवस्थित और मानवीय कार्ययोजना बनाने की मांग की।
सड़क निर्माण को लेकर भी नगर निगम की नीति पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि शहर में कई सड़कें जर्जर अवस्था में हैं, लेकिन उनकी मरम्मत के बजाय करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों को फिर से बनाया जा रहा है। इस पर नगर निगम से स्पष्ट, पारदर्शी और प्राथमिकता आधारित नीति अपनाने की मांग की गई।
नगर निगम अधिकारियों से उम्मीद जताई गई कि उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर जनहित में ठोस और प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे।
