झांसी।महानगर के सिविल लाइन स्थित श्री कुंजबिहारी मंदिर में समस्त आचार्यों की स्मृति में चल रही श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आज भगवान के जन्म की कथा का प्रसंग सुन श्रोता जमकर झूमे जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।


प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास बुंदेलखण्ड धर्माचार्य राधामोहन दास महाराज ने कहा कि जन्म तो जीव का होता है परमात्मा का नहीं। परमात्मा तो अजन्मा हैं उनका वास तो कण कण में। उनका तो प्राक्ट्य होता है। भगवान के जन्म की कथा का प्रसंग सुन श्रोता जमकर झूमे जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
व्यासपीठ से बज रही बधाईयों के बीच नौनिहालों को टाफियां, बिस्कुट एवं खिलौने तथा मेवा, मिष्ठान्न एवं लड्डू के रुप में बधाईयां बांटकर श्रद्धालुओं की झोलियां भर दी। कथा व्यास ने ‘नंद घर आनंद भयौ जै कन्हैया लाल की। हाथी दीन्हें, घोडा दीन्हें और दीन्हीं पालकी।’मधुर भजन गाये जिनकी धुनें सुन श्रोता भक्ति रस में सराबोर हो गये।
इससे पूर्व कथा व्यास ने क्षत्रिय वंश में जन्मे प्रभु राम एवं वामन भगवान के अवतार का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि जब जब धर्म की हानि होती हैं, पृथ्वी पर अधर्म बढता है तो संतों की रक्षा एवं दुष्टों का संहार करने तथा भक्तों को अपनी लीला का रसपान कराने के लिए प्रभु का प्राकट्य होता है।
प्रारंभ में यज्ञाचार्य रामलखन उपाध्याय ने व्यास पीठ का पूजन कराया तदुपरांत मुख्य यजमान सिद्धार्थ शर्मा, आकाश शर्मा, अनुभा त्रिपाठी,अनुप्रिया त्रिपाठी ने महाराजश्री का माल्यार्पण कर श्रीमद भागवत पुराण की आरती उतारी।अंत में व्यवस्थापक परमानंद दास ने सभी का आभार व्यक्त किया।
