झांसी । उत्तर मध्य रेलवे के झांसी रेल मंडल द्वारा वर्ष 2025 के दौरान कार्यालयों, स्टेशनों एवं विभिन्न रेल परिसरों में सुव्यवस्था, स्वच्छता तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक व्यापक कबाड़ निष्कासन अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत अनुपयोगी एवं वर्षों से जमा कबाड़ को चरणबद्ध तरीके से हटाकर न केवल रेल परिसरों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाया गया, बल्कि इससे उल्लेखनीय राजस्व भी अर्जित किया गया।


वर्ष 2025 में रेल मंडल के विभिन्न कार्यालयों, स्टेशनों एवं अन्य स्थानों से कुल 7052 मैट्रिक टन स्क्रैप हटाया गया। इस कबाड़ के निपटान से मंडल को लगभग 37.29 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि संसाधनों के कुशल प्रबंधन और परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि झांसी रेल मंडल द्वारा आगे भी इसी प्रकार योजनाबद्ध ढंग से कबाड़ निष्कासन, स्वच्छता एवं परिसंपत्ति प्रबंधन से जुड़े अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि के साथ-साथ राजस्व संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।

स्क्रैप निस्तारण के इस प्रयास में झांसी मंडल ने मिशन जीरो स्क्रैप अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, रेलखंडों, डिपो, वर्कशॉप, शेड और अन्य रेलवे परिसरों से अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने का विशेष अभियान चलाया। स्क्रैप में अनुपयोगी रेल, रेल पथ सामग्री, वैगन, कोच और लोहे के अन्य सामान शामिल हैं। स्क्रैप की बिक्री आईआरपीएस पोर्टल के माध्यम से नीलामी द्वारा की जाती है, जिससे अर्जित राजस्व का उपयोग रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाता है।
इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर से भी व्यापक स्तर पर कबाड़ हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके अंतर्गत कुल 58 ट्रक अनुपयोगी सामग्री एवं कबाड़ हटाया गया। इस पहल से कार्यालय परिसर में कार्य वातावरण को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में सहायता मिली है।
कबाड़ निष्कासन अभियान से न केवल रेल परिसरों में स्थान की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि अग्नि सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी सामग्री के हटने से रखरखाव कार्यों में भी सुविधा हुई है।
